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योग्यता

विंचेंसो पियूरी ने अपनी जिंदगी के महत्वपूर्ण 33 साल IEEE के साथ गुजारे हैं। शुरुआती दिनों में वे यहां के विद्यार्थी और स्वयंसेवी थे, जबकि पिछले चार वर्षों से वे IEEE के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के सदस्य हैं। साथ ही IEEE के तकनीकी गतिविधियों के उपाध्यक्ष भी हैं। वे IEEE के कई गतिविधियों में सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं, जिनमें कार्यवाही, मेंबर सर्विसेज, तकनीकी कमिटी, लोगों की नेटवर्किंग (कार्य वितरण), कॉन्फेंस, प्रकाशन, शिक्षा, वित्त और प्रबंधन आदि शामिल हैं। 
इन सभी गतिविधियों में, वे हमेशा IEEE के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण रखते हैं। एक इकाई के रूप में वे सभी को मिलाकर चलने की कोशिश करते हैं, जिससे IEEE के सभी समूहों को एकीकृत रूप से फायदा मिल सके, क्योंकि आखिर में इसका फायदा विज्ञान, तकनीक और पेशेवर (व्यावसायिक) समुदाय  के साथ पूरे समाज को होने वाला है।

खासकर उन्होंने निम्नलिखित कार्यों में विशेष योगदान दिया है :

  • उन्होंने कई बोर्ड्स और समितियों में अपना योगदान दिया है। इनमें IEEE बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स,  IEEE की कुछ समितियां, तकनीकी कार्यों के बोर्ड, प्रकाशन, शिक्षा, वित्त और प्रबंधन की समितियां प्रमुख थीं। इसके अलावा उन्होंने शिक्षा और भौगोलिक संरचना में सुधार करने के लिए भी कई समितियों में दिल लगा कर काम किया है। वे सदस्यों की गतिविधियों, प्रकाशन, शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए उपाध्यक्ष के पद से भी अपना अहम योगदान दे चुके हैं। वे अभी भी  प्रशासनिक समिति सदस्य/परिषदों के सहयोग में, आयोजन या समितियों की प्रभावशीलता और दक्षता को बढ़ाने के लिए प्रयासरत रहते हैं। 
  • उन्होंने IEEE को एकीकृत करने के लिए बोर्डों और समितियों में अपना अहम योगदान दिया है। उन्होंने इसके विस्तार के लिए भी कई योजनाएं बनाईं और समिति की गतिविधियों का खास ख्याल रखकर उसे आगे बढ़ने में मदद की।
  • कई रणनीतिक योजनाओं और गतिविधियों में अपना सहयोग दिया, जिनमें से कईयों में तो नेतृत्व भी किया। उन्होंने सम्मिलन और विविधताओं को बढ़ावा देने के लिए विशेष ध्यान  केंद्रित किया। वे  IEEE के  रणनीतिक योजना के एडहॉक कमिटी के सदस्य भी रहे। उन्होंने अपनी सेवाएं क्रमश:  दी  MGA स्ट्रेटेजिक डायरेक्शन एंड एनवायर्नमेंटल असेसमेंट समिति, दी TAB स्ट्रेटेजिक प्लानिंग समिति, और दी PSPB स्ट्रेटेजिक प्लानिंग समिति  के लिए भी दीं।
  • उन्होंने क्षेत्रों, वर्गों, प्रभागों, समाजों और तकनीकी परिषदों की सीमाओं से आगे बढ़कर  IEEE के सभी समूहों को इकट्ठा किया और उनमें आपस में समंजस्य बिठाया। उन्होंने भविष्य के बारे में सोचते हुए एक समग्र दृष्टीकोण का समर्थन किया।
  • IEEE के सदस्यों और अन्य वैज्ञानिक और तकनीकी समुदाय की गतिविधियों और सेवाओं को विकसित करने के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। उदाहरण के लिए IEEE के लिए 2017 के सेक्शन कांग्रेस नेटवर्किंग में अवसर को विस्तृत रूप देना, तकनीकी गतिविधियों के लिए स्वयंसेवक प्रशिक्षण कार्यक्रम को बढ़ावा देना और छात्र शाखाओं की सेवा प्रदान करना।
  • वैज्ञानिकों, पेशेवरों और स्वयंसेवियों की उत्कृष्टता को प्रोमोट करने के लिए उन्हें पारितोषिक देना, वरिष्ठ सदस्यों और साथियों को उसके लिए नोमिनेट करना और  तकनीकी क्षेत्र के लिए पुरस्कार समितियों का निर्माण करना उनके प्रमुख कार्य रहे हैं।
  • नये अनुभाग की स्थापना करना और लोगों को उसके लिए उत्प्रेरित करना,  स्थानीय समुदायों के पोषण के लिए ठोस योगदान की पहल करना, विभिन्न वर्गों और समाज के लिए एक रूप से सहयोग की भावना दिखाना।
  • उद्यमियों के लिए IEEE की योजनाओं और गतिविधियों को उन्होंने प्रमुखता से सराहा है। उद्योगों की जरूरतों को बारीकी से परखा और जाना है और उसके हिसाब से रणनीतियों और सेवाओं का विस्तार किया है।
  • उन्होंने न केवल एकता को बढ़ावा दिया है और समितियों और समुदायों में विविधता का समर्थन किया है, बल्कि पिछड़े और असमर्थ युवाओं, महिलाओं, और पिछड़े भौगोलिक क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से ध्यान दिया है
  • कई तकनीकी समितियों के अध्यक्ष रहे। कईयों के को-फाउंडर तो कईयों को बढावा देने के काम किया ( CIS, CS, IMS, SYSC, BIOMC)। इतना ही नहीं उन्होंने तकनीकी गतिविधियों का पुर्नउद्धार का कार्य भी किया है। 
  • उभरती हुई प्रौद्योगिकियों के पोषण और तकनीकी जरूरतों को बढ़ावा दिया। साथ ही अन्य बोर्डों को सहयोग करने के लिए उत्प्रेरक के रूप में कार्य किया।
  • IEEE में  एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग की शुरुआत की। इस क्षेत्र में पहल करने और लोगों को जोड़ने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाये। इसके लिए उन्होंने  TAB, MGA, EAB, स्टैंडर्ड्स एसोसिएशन आदि समितियों के साथ मिलकर काम किया।

•    प्रधान संपादक (ISJ) और एसोसिएट एडिटर(T-CC, T-NN, T-IM, CI-M) की भूमिका संभाली। कई नये प्रकाशन की शुरुआत ( CI-M, T-AMD, T-CIAIG) की। कईयों के उत्थान में अहम भूमिका निभाई  (T-IM, T-NN, T-FS, T-EC, ISJ) और औद्योगिक जरूरतों के हिसाब से कदम भी उठाये।
•    शैक्षणिक क्रियाकलापों को विकसित करने के लिए कई सफल कदम उठाये ( जैसे समर स्कूल, कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्यूटोरियल, ऑनलाइन और इ-लाइब्रेरी आदि )।

इन सभी गतिविधियों में उन्होंने सामने आनेवाली परेशानियों को नजदीक से समझा और सोच-विचार कर कदम उठाया, जिससे कि छात्रों और IEEE के सदस्यों को कोई परेशानी न हो और उनका समेकित विकास हो सके।

उन्होंने अपने ज्ञान, कला-कौशल और रिसर्च के दौरान मिले अनुभवों से ऐसे कदम उठाये, जिससे कि शोधकर्ताओं, पेशेवरो, छात्रों और सरकारी कर्मचारियों को तकनीकी फोरम, क्रियाकलाप, प्रोडक्ट और सेवाओं में शोध करने में कोई तकलीफ नहीं हो। उन्होंने अपने निर्णय में भौगोलिक दृष्टिकोण का भी खासा ध्यान रखा है। 

विंचेंसो पियूरी ने IEEE में बिताये अपने लंबे कार्यकाल में संरचना और कार्रवाई, तकनीकी समितियो, उद्योग सेवाओं, प्रबंधन और वित्तीय पहलुओं का भी बखूबी ख्याल रखा है।

उन्होंने हर नयी परेशानी को चुनौती के रूप में देखा, अपने से ज्यादा अनुभवी लोगों से सीखने की कोशिश की। उन्होंने कर्मचारियों और स्वयंसेवकों के साथ सदा मित्रवत व्यवहार किया, जिससे कि मानवता के विकास में कदम बढ़ा रहे IEEE को खास मदद मिल सके। 

भले ही वे हर काम को अपने दोनों हाथों से करना चाहते हों, ताकि उन्हें अंतर्निहित कारणों और समस्याओं का पता चल सके, लेकिन वे अपने कार्यों में एक रणनीतिक दृष्टिकोण रखते हुए मार्गदर्शक की भूमिका निभाना चाहते हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय परिदृष्य के आलोक में सहयोगी संचालन के परिणाम अत्यधिक प्रभावी रहें। उन्होंने  IEEE के सर्वांगीन विकास के लिए हमेशा कोशिश की। IEEE के सभी समूहों और पूरे समाज के बीच सहयोगी की भूमिका निभाई। 

विंचेंसो पियूरी हमेशा ही पूर्व के अनुभवों से प्रेरित होते रहे हैं। उन्होंने हमेशा कोशिश की कि उनके उद्देश्य, दृष्टि और मिशन में निरंतरता बनी रहे, जिससे IEEE के बुनियादी मूल्य बरकरार रह सके और विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा व्यवसाय में विश्व पटल पर बेहतर काम हो सके। दरअसल, वे प्रगति के लिए वास्तविक रूप से आकांक्षी हैं। उन्होंने अपने निर्णयों को थोपने के बजाय आम सहमति से निर्णय लिये, जिससे सभी पहलुओं पर विचार हो सके और संपूर्ण विकास की ओर कदम उठाये जा सकें और किसी को भी उससे परेशानी का सामना न करना पड़े।

उन्होंने सभी विविधताओं का सम्मान किया ( जैसे: राय, संस्कृति, तकनीकी विशेषज्ञता, पेशे, भौगोलिक मूल, लिंग, आयु आदि ) क्योंकि ये सिर्फ  IEEE के लिए ही नहीं, बल्कि समाज के लिए भी सच में अमूल्य हैं। असल में सर्वश्रेष्ठ समाधान चुनने के लिए  वे सभी बिंदुओं पर चर्चा को अधिक जोर देते हैं, जो काफी हद तक सफलता का मूल मंत्र है। यह रचनात्मक आलोचना, समस्या और मुद्दों पर विचार रखने की संतुलित पहल है, जिससे कि सबका विकास हो सके। इसमें सभी का बराबर योगदान होता है और युवाओं को आगे बढ़ने के अधिक मौके मिलते हैं। 

संगठनात्मक और प्रबंधकीय कौशल, कार्यक्रम प्रबंधन, परिचालन क्षमता, सरलीकरण की प्रक्रिया का रवैया, नुमाइंदगी की प्रभावी क्षमता, आम सहमति बनाना, टीम सहयोग, कठिन स्थितियों और संघर्षों से निबटने में प्रभावशीलता, देखभाल के लिए प्रेरित करना, सामरिक दृष्टि को लागू करने के लिए लोगों को पुरस्कृत करना, सामुदायिक रणनीतिक दृष्टि को साझा करना, समुदाय की मदद के लिए अग्रसर रहना उनके कार्ययोजना की प्रमुख पहलु रहे हैं। उन्होंने व्यावहारिक कार्यान्वयन योजना को विकसित किया।  IEEE में दिखाये गये समान दृष्टिकोण के साथ परिष्कृत करना, यहां तक कि यूनीवर्सिटी में दैनिक कार्यों के बीच भी इन मूल्यों पर अडिग रहना उनकी खास विशेषता है। सहयोग, विविधता और मिलकर काम करने की क्षमता ने उनकी सोच को अंतरराष्ट्रीय पटल पर भी काफी सराहा गया है।